ਕਮਜ਼ੋਰ ਦਿਲ ਵਾਲੇ ਨਾ ਦੇਖਣ.. ਦਿਲ ਦਹਿਲਾ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਸੱਚਾੲੀ ਆਰਮੀ ਵਾਲੀਆਂ ਕੁੜੀਆਂ ਦੀ ..

नॉर्थ कोरिया की फौजी ली सो येओन ने एक बातचीत में ऐसा BBC को बताया था. ली नॉर्थ कोरिया की फ़ौज से भागकर साउथ कोरिया चली गई थीं. डराने वाली बात ये है कि ये केवल ली की नहीं, नॉर्थ कोरिया की लगभग हर महिला फौजी की कहानी है.
1. 6 महीने के बाद औरतों को पीरियड होने बंद हो जाते हैं. क्योंकि वहां उन्हें इतने पोषण वाला खाना मिलता ही नहीं कि उन्हें पीरियड हो सके.

2. उन्हें पीरियड के दौरान पैड नहीं मिलते. इसलिए उन्हें इस्तेमाल किए हुए पैड लगाने पड़ते हैं.

3. सफाई और सेहत की हालत इतनी बुरी है कि वहां से भागे हुए लोगों के शरीर से 11-इंच तक लम्बे कीड़े निकले हैं.

4. पुरुष फौजियों को न सफाई करनी पड़ती है, न खाना बनाना पड़ता है. ये सारा काम महिला फौजियों को करना पड़ता है. नॉर्थ कोरिया में ऐसा माना जाता है कि समाज में पुरुष और महिलाओं के फर्ज अलग-अलग हैं.

मगर कहानी यहां खत्म नहीं होती. जो सबसे बुरा है वो ये कि महिला फौजियों का यहां नियमित रूप से रेप होता है. उनके सीनियर अफसर ऐसा करवाते हैं. ली के मुताबिक़ उसने खुद अपनी क्लासमेट को यौन दासता के लिए जबरन भेजे जाते देखा है.

ली ने 2008 में अपने भयावह जीवन से भागने की कोशिश की थी. मगर उसे पकड़ लिया गया और जेल में बंद कर दिया गया. दूसरी बार भागने में ली सफल हुईं और तुमन नदी तैरकर उसने अपने भयानक इतिहास को पीछे छोड़ा. मगर केवल शारीरिक रूप से. क्योंकि जो दिमाग और आत्मा ने सहा, उसे कोई नहीं मिटा सकता.

ली आज 41 साल की हैं. उन्होंने 17 साल की उम्र में फ़ौज में जाने का फैसला लिया था. वजह थी देशप्रेम. उसके परिवार के बड़े पहले आर्मी में रह चुके थे. वो भी उनके नक़्शे-कदम पर चलना चाहती थीं.
वो अपने देश का सिर ऊंचा करना चाहती थीं. मगर फ़ौज में पहुंचने के बाद उसे पसीने से बदबू मारते गद्दे मिले. गरम पानी तक नसीब नहीं होता था. और जो ठंडा पानी मिलता भी, उसमें अक्सर सांप और मेंढक निकलते. क्योंकि पानी सीधे पहाड़ों के जंगलों से आ रहा होता था.

अधिकतर औरतों ने मजबूरी में सेना जॉइन की थी. लगभग 27 साल पहले देश में आई भुखमरी के दौरान कुछ भी खाने को नहीं था. औरतों ने ये सोचकर आर्मी में दाखिला लिया कि कम-से-कम एक वक़्त का खाना तो मिल जाएगा. मगर उन्हें ये नहीं पता था कि यौन शोषण, रेप और बर्दाश्त न हो पाने वाले वाला ट्रॉमा उनका इंतजार कर रहा था.

और अब परिस्थितियां और खराब हो चुकी हैं

2015 में ऐसा नियम आया कि हर औरत 18 की उम्र से सात साल के लिए अनिवार्य मिलिट्री ट्रेनिंग करेगी. अगर आप संगीत या खेल में अच्छी हैं तो मिलिट्री ट्रेनिंग से बच सकती हैं. मगर ली के पास कोई और रास्ता नहीं था.

नॉर्थ कोरिया में औरतें अपना जीवन नहीं चुन सकतीं. अपनी मौत भी नहीं चुन सकतीं.

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